हजारों वर्ष पेहले, मनुष्य ने अपनी चेतना के बल पर अदृश्य ईश्वर तक को पा लिया और उनके साकार रूप में दर्शन भी कर लिये.
और आज के आधुनिक बुद्धिजीवियों को लगता हैं की जब तक वो PPT और Excel Sheets न बना ले, और जब तक वे क्वालिटेटिव और क्वांटिटेटिव रिसर्च न कर ले, तब तक उन्हें कस्टमर नहीं मिल सकता.
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